Saturday, 27 September 2014

Shayari

सच्ची चाहतों का उसने ये सिला दिया, 
अपनी झूठी चॉकलेट मुजे किला दी..

पहली ही मुलाकात थी, 
और हम दोनों ही बेबस थे..
वो जुल्फें ना संभाल पाए, और हम खुद को..

मंदिर जाते है तो सिर्फ तुजे मांगने बस.. 

मुझे अपने किरदार पर इतना यकीन है, कोई मुझे
छोड सकता है पर.. भुला नहीं सकता 

बात ये नही है कि तेरे बिना जी नही सकते, 
बात ये है कि तेरे बिना जीना नही चाहते

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